
पूर्व कृषि मंत्री सह स्थानीय विधायक कुमार सर्वजीत के प्रमास से अब बोधगया विधानसभा के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत मायापुर गांव में मोटे अनाजों का हब बनने का रास्ता साफ हो गया है। कृषि विभाग की 48 एकड़ जमीन पर बिहार का पहला मोटे अनाज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनने का खस्ता स्वफ हुआ है। इस संबंध में कुमार सर्वजीत ने बताया कि कृषि मंत्री रहते हुए मैंने किसानो के हित के लिए कदम उठाया था। जो अब स्वीकार होता दिख रहा है। उन्होंने बताया कि 200 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का निर्माण
पूर्व कृषि मंत्री सह बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत
देश-विदेश में मोटे अनाज की तेजी से बढ़ रही है मांग
किया जा रहा है। जहां सिर्फ बिहार के किसानों को ही नहीं बल्कि अन्य प्रदेशों के किसानो को मोटे अनाज की खेती करने के हुनर की जानकारी देने के साथ उनको खेती का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा जो पूरी तरह से निशुल्क होगा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले किसानों मोटे अनाज की खेती से आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। चौथे कृषि रोड मैप के तहत मायापुर में बनने वाले सेंटर के 48 एकड़ जमीन आधुनिक भवन, आवास, प्रशासनिक भवन, प्ररिक्षण केंद्र, चारदीवारी सिचाई के तलाब, सड़क, बिजली आदि की सुविधा उपलब्ध होगी। में मिलेट्स की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बताया कि आज देश-विदेश में मोटे अनाज की मांग तेजी से बढ़ रही है। लोग मोटे अनाज को काफी पसंद कर रहे है। लोगों की बढ़ती मांग को देखते हुए किसानों को इसकी खेती करनी होगी। इसके लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार जोर शोर से लगी हुई है। । हैदराबाद की टीम मायापुर में मिलेट्स की खेती पर । एक वर्ष से अनुसंध्वन शुरू कर दी है। इक्रीसैट कृषि को के क्षेत्र में कार्य करने वाली एवं हैदराबाद में स्थापित इंटरनेशनल काफ रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर सेमी एराइड ट्रापिक एक महत्वपूर्ण संस्थान है। मरीय वैज्ञानिक कुलदीप सिंह के नेतृत्व में पूरी टीम मिलेट्स की में खेती पर अनुसंधान कर रही है। आज मर्तमान में मोटे अनाज का दौर लौट राम्र है। इसों परीपेक्ष्य में , 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष घोषित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स वर्ष के तहत पूरे भारत
मिलेट्स में होते हैं कई पोषक तत्व : मिलेट्स पोषक तत्वों एवं फाइबर से भरपूर होता है। प्रति 100 ग्राम मिलेट्स में 13.11 ग्राम प्रोटीन एवं 11.18 प्राम फाइबर सहित एवं बानोहाइड्रेट पाए जाते है। मिकेटस ब्लड प्रेशर और मधुमेह रोग के लिए रामबाण है। सरकार खेती के लिए मुफ्त बीज सहित प्रशिक्षण देने राष्ट्रीय स्तर व्यवस्था दे रही है।
