
बिहार के गया जिला के फतेहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम राघवाचक के राजकुमार वर्मा के पुत्र दीपक कुमार का मौत के खबर सुनते ही इलाका में मातम छा गया दीपक कुमार पुणे में रहकर राजमिस्त्री का काम करता था आज से कुछ महीने पहले बिहार से मजदूरी करने पुणे गया था पुणे से मौत खबर जैसा ही आया पूरे परिवार में शोक का लहर दौड़ उठा पूरे परिवार को रो रो कर बुरा हाल है मृतक दीपक कुमार का श#व पुणे से बिहार आ रहा है दाह संस्कार रघवाचक गांव में ही किया जाएगा

अगर बिहार में काम करने की व्यवस्था हो फैक्टरी होती तो बिहार के मजदूर बाहर क्यों कमाने जाता है एक सोचने का विषय क्या आज तक जिसका भी सरकार बनी बिहार में सिर्फ बोली ही रहा आज तक बिहार में एक भी फैक्ट्री नहीं लग पाया चाहे किसी का सरकार बिहार के मजदूर कल भी परेशानी था बिहार का मजदूर आज भी परेशानी है है इसका सुनने वाला कोई नहीं है अगर बिहार का मजदूर के प्रदेश में अगर कुछ हो भी जाता है तो घर तक आने में काफी पैसे की आवश्यकता होती है और काफी समय भी लगता है जो कितने लोग को घर आते थे जान चला जाता है
