
नवादा। पुलिस की कार्यप्रणाली अक्सर सवालों के घेरे में रहती है, लेकिन जब नेतृत्व सही हाथों में हो तो वही पुलिस व्यवस्था समाज के लिए सुरक्षा का पर्याय बन जाती है। नवादा जिले के काशीचक थाना क्षेत्र में इन दिनों कुछ ऐसा ही बदलाव देखने को मिल रहा है। नए थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने जब से कार्यभार संभाला है, क्षेत्र में शांति व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने उस अविश्वास की खाई को पाटने का काम किया है, जो कुछ समय पूर्व थाना परिसर में एक आरोपी की आत्महत्या के बाद पैदा हुई थी। उस घटना ने पुलिस और पब्लिक के रिश्तों में जो कड़वाहट घोली थी, उसे गौतम कुमार ने अपने काम की बदौलत भरोसे में बदल दिया है।
*अपराध नियंत्रण और अवैध हथियारों पर सख्त प्रहार*

क्षेत्र में भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए थानाध्यक्ष ने सबसे पहले अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों को निशाने पर लिया। इसी कड़ी में पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब आर्म्स एक्ट के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए खखरी गांव के अंकित कुमार को एक देशी कट्टे के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस की इस पेशेवर कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि क्षेत्र में अवैध हथियारों का प्रदर्शन या उपयोग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद से ही असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर साफ देखा जा रहा है।
शराब और बालू माफियाओं के खिलाफ जारी है जीरो टॉलरेंस की नीति

बिहार में शराबबंदी को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए गौतम कुमार की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। हाल ही में बेलड़ गांव में एक गौशाला में चल रहे अवैध शराब के धंधे का भंडाफोड़ किया गया, जहां से भारी मात्रा में विदेशी और देशी शराब बरामद की गई। हालांकि अभियुक्त अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी संपत्ति और ठिकानों पर दबिश देकर स्पष्ट कर दिया है कि शराब का काला कारोबार अब काशीचक में नहीं चलेगा। इसके साथ ही, बालू के अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। दो ट्रैक्टरों को अवैध बालू के साथ जब्त कर उनके चालकों को जेल भेजना इस बात का प्रमाण है कि थानाध्यक्ष राजस्व की चोरी और प्राकृतिक संसाधनों की लूट के खिलाफ बेहद गंभीर हैं।

थानाध्यक्ष गौतम कुमार केवल कार्रवाई पर ही नहीं, बल्कि आम लोगों से संवाद पर भी यकीन रखते हैं। हाल ही में आगामी सरस्वती पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलधिकारी के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों को शामिल किया गया। थानाध्यक्ष ने इस मंच से जनता को यह विश्वास दिलाया कि पुलिस उनकी मित्र है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब थाने में उनकी सुनवाई सम्मान के साथ होती है, जिससे पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों का नजरिया पूरी तरह बदल गया है। आज काशीचक थाना क्षेत्र में अमन-चैन का माहौल है और इसका श्रेय थानाध्यक्ष की निष्पक्ष और सक्रिय कार्यशैली को जाता है।

